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बेंगलुरु महिला उद्यमियों के लिए भारत का मजबूत ग्रोथ हब: 2010-2025 में 668 फीमेल-लेड स्टार्टअप्स, $13.4 अरब फंडिंग का अनुमान

DW हिन्दी की रिपोर्ट के अनुसार बेंगलुरु महिला उद्यमियों के लिए एक प्रमुख स्टार्टअप हब के रूप में उभरा है। बेंगलुरु इनोवेशन रिपोर्ट (2025) का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया कि 2010 से 2025 के बीच लगभग 668 फीमेल-लेड स्टार्टअप्स सक्रिय रहे और कुल करीब 13.4 अरब डॉलर की फंडिंग जुटी।

भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम की चर्चा अक्सर बड़े निवेश, टेक टैलेंट और वैश्विक कंपनियों के इर्द-गिर्द होती है, लेकिन अब महिला नेतृत्व वाले उद्यमों पर फोकस भी बढ़ रहा है। DW हिन्दी की 9 जनवरी 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु महिला उद्यमियों के लिए भारत का एक मजबूत ग्रोथ हब बनकर सामने आया है। रिपोर्ट में बताया गया कि यह शहर महिला-नेतृत्व वाले स्टार्टअप्स के मामले में दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे बड़े केंद्रों से आगे निकलता दिखाई देता है, हालांकि रास्ते में लैंगिक भेदभाव जैसी चुनौतियां भी बनी हुई हैं।

बेंगलुरु महिला उद्यमियों के लिए भारत का मजबूत ग्रोथ हब: 2010-2025 में 668 फीमेल-लेड स्टार्टअप्स, $13.4 अरब फंडिंग का अनुमान
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कौन-सी रिपोर्ट, क्या आंकड़े

DW की रिपोर्ट में कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन (KDEM), 3one4 कैपिटल और स्टार्टअप कर्नाटक द्वारा जारी ‘बेंगलुरु इनोवेशन रिपोर्ट (2025)’ का हवाला दिया गया है। इसके अनुसार 2010 से 2025 के बीच बेंगलुरु में लगभग 668 फीमेल-लेड स्टार्टअप्स सक्रिय रहे। इन्हीं स्टार्टअप्स ने मिलकर करीब 13.4 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई—जो शहर के महिला उद्यमिता परिदृश्य की ताकत और निवेशकों की रुचि दोनों को रेखांकित करता है।

क्यों खास है बेंगलुरु का इकोसिस्टम

रिपोर्ट के संकेतों से बेंगलुरु की बढ़त के कुछ कारक समझ में आते हैं—टेक टैलेंट का बड़ा पूल, शुरुआती और ग्रोथ-स्टेज निवेश तक अपेक्षाकृत बेहतर पहुंच, तथा स्टार्टअप सपोर्ट सिस्टम (इन्क्यूबेटर, एक्सीलरेटर, कॉर्पोरेट नेटवर्क) का घनत्व। इसके अलावा, शहर का ग्लोबल टेक कनेक्शन भी नए उत्पादों और बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद करता है।

चुनौती: लैंगिक भेदभाव और करियर बाधाएं

DW की रिपोर्ट में यह भी रेखांकित किया गया है कि ग्रोथ के बावजूद महिला उद्यमियों के सामने लैंगिक भेदभाव एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। यह चुनौती भर्ती, फंडिंग के निर्णय, नेटवर्किंग, और नेतृत्व के प्रति सामाजिक धारणाओं जैसे कई स्तरों पर दिखाई दे सकती है। ऐसे में बेंगलुरु की सफलता के साथ-साथ नीतिगत और सामाजिक स्तर पर सुधार की जरूरत भी उतनी ही अहम बनती है।

REPORTING RECORD

स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

  1. DW हिन्दीDW हिन्दी