मुख्य सामग्री पर जाएं
राष्ट्रीय समाचार डेस्कखबर · संदर्भ · स्रोत
खबर एक

खबर जहां, नज़र वहां

शेयर बाजार में गिरावट: निफ्टी 25,550 के नीचे, 6 सत्रों में सेंसेक्स 2,700 अंक टूटा; रिपोर्ट में बताए गए 3 कारण

लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, 12 जनवरी 2026 को लगातार छठे दिन बाजार में गिरावट दिखी। सेंसेक्स दिन के कारोबार में लगभग 700 अंक तक फिसला और निफ्टी 50 25,500 के नीचे आया। रिपोर्ट में गिरावट के पीछे 3 प्रमुख वजहों का जिक्र किया गया।

भारतीय शेयर बाजार में जनवरी के मध्य में बिकवाली का दबाव बढ़ता दिखा। लाइवमिंट की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार 12 जनवरी 2026 को बाजार में लगातार छठे सत्र में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान सेंसेक्स करीब 700 अंक तक नीचे आया, जबकि निफ्टी 50 25,500 के नीचे फिसल गया और रिपोर्ट में इसे 25,550 के नीचे पहुंचना बताया गया।

शेयर बाजार में गिरावट: निफ्टी 25,550 के नीचे, 6 सत्रों में सेंसेक्स 2,700 अंक टूटा; रिपोर्ट में बताए गए 3 कारण
संबंधित चित्र

रिपोर्ट के अनुसार, छह कारोबारी दिनों में सेंसेक्स में कुल लगभग 2,700 अंकों की गिरावट दर्ज हुई। यह गिरावट निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डालने वाली मानी जा रही है, क्योंकि लगातार कमजोर सत्र अक्सर बड़े निवेशकों और रिटेल दोनों में सतर्कता बढ़ाते हैं।

लाइवमिंट ने इस गिरावट के पीछे 3 बड़े कारणों का उल्लेख किया। बाजार में कमजोरी की सामान्य पृष्ठभूमि में वैश्विक संकेत, ब्याज दर/यील्ड की दिशा, और जोखिम वाले एसेट्स से अस्थायी दूरी जैसे तत्व अक्सर देखे जाते हैं। इसी तरह घरेलू स्तर पर भी बड़े शेयरों में मुनाफावसूली, सेक्टर-विशेष दबाव, और आगामी डेटा/नीतिगत संकेतों को लेकर अनिश्चितता बाजार को प्रभावित करती है।

ऐसी स्थिति में निवेशकों के लिए असली चुनौती यह रहती है कि क्या यह गिरावट केवल ‘करेक्शन’ है या ट्रेंड में बदलाव का संकेत। रिपोर्ट की थीम के अनुरूप, लगातार गिरावट वाले चरणों में कई निवेशक जोखिम प्रबंधन को प्राथमिकता देते हैं—जैसे अत्यधिक लीवरेज से बचना, पोर्टफोलियो का पुनर्संतुलन करना, और खरीद/बिक्री के फैसले को स्तर-आधारित बनाना।

हालांकि, बाजार की दिशा रोजाना बदल सकती है और किसी एक सत्र के आधार पर निष्कर्ष निकालना सही नहीं होता। लेकिन 12 जनवरी 2026 के आसपास की यह गिरावट इस बात का संकेत है कि उस समय बाजार में जोखिम भावना कमजोर थी। निवेशक अब आगे के कारोबारी सत्रों में वैश्विक संकेतों, घरेलू नतीजों/डेटा और संस्थागत प्रवाह पर नजर बनाए रखेंगे।

REPORTING RECORD

स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

  1. Mint (Hindi)Mint (Hindi)