दिल्ली-NCR में गणतंत्र दिवस से पहले बहुस्तरीय सुरक्षा जांच तेज; एंट्री-एग्जिट पर नाके, नई टेक्नोलॉजी से निगरानी
गणतंत्र दिवस 2026 से पहले दिल्ली और NCR में सुरक्षा एजेंसियों ने गश्त और वाहन जांच बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, कई चेकपॉइंट्स पर एंट्री-एग्जिट की निगरानी की जा रही है और स्मार्ट सर्विलांस/वीडियो एनालिटिक्स जैसी तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है।
गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से ठीक एक दिन पहले, 25 जनवरी 2026 को दिल्ली और NCR में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय राजधानी और उससे सटे इलाकों में रविवार को पुलिस व सुरक्षा बलों ने पेट्रोलिंग और वाहन निरीक्षण तेज किया। प्रवेश और निकास बिंदुओं पर कई लेयर में जांच की व्यवस्था की गई, ताकि शहर में आने-जाने वाले लोगों और सामान की आवाजाही पर करीबी नजर रखी जा सके।

दिल्ली में इस दौरान सुरक्षा का फोकस सिर्फ ‘मैनपावर’ पर नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी-आधारित निगरानी पर भी रहा। रिपोर्ट के अनुसार, निगरानी और थ्रेट-डिटेक्शन को बेहतर बनाने के लिए उन्नत तकनीक के इस्तेमाल की तैयारी है—जिसमें वीडियो एनालिटिक्स और विशेष कैमरा-आधारित सिस्टम जैसे टूल्स शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इन उपायों का लक्ष्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में संदिग्ध गतिविधि की जल्दी पहचान, रूट-मैनेजमेंट और संवेदनशील स्थानों पर त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ाना है।
सुरक्षा व्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा ट्रैफिक और लॉजिस्टिक्स से भी जुड़ा है। गणतंत्र दिवस परेड, रिहर्सल, वीवीआईपी मूवमेंट और कार्यक्रम-स्थलों के आसपास यातायात पर प्रभाव पड़ता है। इसलिए पुलिस टीमों द्वारा चेकिंग के साथ-साथ कई जगहों पर रूट डायवर्जन और ट्रैफिक-फ्लो मैनेजमेंट के लिए भी अतिरिक्त बल तैनात किया जाता है।
NCR के बॉर्डर पॉइंट्स पर भी गाड़ियों की जांच और दस्तावेज सत्यापन बढ़ाए जाने की खबर है। आमतौर पर ऐसे मौकों पर संवेदनशील स्थानों—जैसे प्रमुख बाजार, ट्रांसपोर्ट हब, होटल, और भीड़ वाले सार्वजनिक क्षेत्रों—में विजिबल पुलिस प्रेजेंस बढ़ाई जाती है, ताकि ‘डेटरेंस’ का प्रभाव रहे और किसी भी इमरजेंसी में रेस्पॉन्स टाइम कम हो।
अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि नागरिक सतर्क रहें और संदिग्ध गतिविधि/लावारिस वस्तु जैसी किसी भी स्थिति की सूचना तुरंत पुलिस को दें। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि गणतंत्र दिवस जैसे बड़े सार्वजनिक आयोजनों में ‘पब्लिक कोऑपरेशन’ सुरक्षा चक्र का अहम हिस्सा है।