मुख्य सामग्री पर जाएं
राष्ट्रीय समाचार डेस्कखबर · संदर्भ · स्रोत
खबर एक

खबर जहां, नज़र वहां

ईयू-मर्कोसुर व्यापार समझौते पर सहमति, यूरोप में किसानों का विरोध तेज

यूरोपीय संघ और दक्षिण अमेरिकी ब्लॉक मर्कोसुर के बीच व्यापार समझौते पर सहमति बन गई। समर्थक इसे निर्यात बढ़ाने और शुल्क बचत से जोड़ रहे हैं, जबकि फ्रांस व पोलैंड सहित कई देशों में किसान इसे नुकसानदेह मानकर सड़कों पर उतर आए।

यूरोपीय संघ और दक्षिण अमेरिकी देशों के समूह ‘मर्कोसुर’ के बीच व्यापार समझौते पर सहमति बन गई है। डीडब्ल्यू की रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते के खिलाफ फ्रांस और पोलैंड समेत यूरोप भर में किसानों ने विरोध-प्रदर्शन तेज कर दिए हैं।

ईयू-मर्कोसुर व्यापार समझौते पर सहमति, यूरोप में किसानों का विरोध तेज
संबंधित चित्र

समर्थक पक्ष का तर्क है कि यह करार यूरोपीय निर्यात को बढ़ावा देगा और सुस्त अर्थव्यवस्था को सहारा देने में मदद कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय संघ का कहना है कि इस समझौते से यूरोपीय कंपनियां हर साल अरबों यूरो के शुल्क की बचत कर सकेंगी और लैटिन अमेरिकी बाजारों में वाहन, मशीनरी, वाइन और शराब जैसे उत्पादों का निर्यात आसान होगा।

किसान क्यों नाराज हैं

किसानों की नाराज़गी का प्रमुख कारण यह चिंता है कि दक्षिण अमेरिका से कृषि उत्पादों के आयात के बढ़ने पर घरेलू उत्पादकों को कीमत और प्रतिस्पर्धा के मोर्चे पर नुकसान हो सकता है। डीडब्ल्यू रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस और ब्रसेल्स समेत कई जगह बड़े प्रदर्शन हुए।

कई किसान समूह यह भी तर्क देते हैं कि पर्यावरण मानकों, उत्पादन लागत और नियमों में असमानता के कारण प्रतिस्पर्धा ‘बराबरी’ की नहीं रहेगी। नतीजतन, उनका कहना है कि यह समझौता खेत-आधारित आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा सकता है।

राजनीतिक गणित और आगे की राह

रिपोर्ट के अनुसार, विरोध के बावजूद राजनीतिक स्तर पर समझौते को आगे बढ़ाने का रास्ता बना, क्योंकि कुछ देशों के रुख में बदलाव आया। इसके बाद भी, समझौते के लागू होने और घरेलू संसदों/संस्थाओं में इसके अनुमोदन की प्रक्रिया को लेकर बहस जारी रहने की संभावना है।

कुल मिलाकर, ईयू-मर्कोसुर डील व्यापार नीति, कृषि हितों और राजनीतिक वैधता के बीच संतुलन की एक कठिन परीक्षा बनती दिख रही है। अगले चरण में यह देखा जाएगा कि क्या सरकारें किसान समूहों को भरोसे में लेकर कोई सुरक्षा-प्रावधान या संक्रमणकालीन समर्थन पैकेज पेश करती हैं।

REPORTING RECORD

स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

  1. DW HindiDW Hindi