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गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या: राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संबोधन आज रात 7 बजे

गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2026) से ठीक एक दिन पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 25 जनवरी 2026 को शाम 7 बजे राष्ट्र के नाम संबोधन देंगी। यह संदेश आकाशवाणी के राष्ट्रीय नेटवर्क पर प्रसारित और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर पहले हिंदी, फिर अंग्रेज़ी तथा बाद में क्षेत्रीय भाषाओं में दिखाया/सुनाया जाएगा।

भारत के 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज (25 जनवरी 2026) शाम 7:00 बजे देश के नाम संबोधन देंगी। राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार, यह संबोधन पूरे राष्ट्रीय नेटवर्क पर एक साथ प्रसारित किया जाएगा, ताकि देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग इसे एक ही समय पर सुन और देख सकें। इस वार्षिक संबोधन को गणतंत्र दिवस समारोहों की ‘टोन’ तय करने वाला एक महत्वपूर्ण क्षण माना जाता है, जिसमें देश की उपलब्धियों, चुनौतियों, लोकतांत्रिक मूल्यों और आने वाले समय की प्राथमिकताओं पर व्यापक संदेश अपेक्षित रहता है।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या: राष्ट्रपति मुर्मू का देश के नाम संबोधन आज रात 7 बजे
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प्रसारण व्यवस्था के तहत संबोधन सबसे पहले हिंदी में होगा। इसके बाद अंग्रेज़ी संस्करण प्रसारित किया जाएगा। दूरदर्शन पर हिंदी और अंग्रेज़ी प्रसारण के बाद क्षेत्रीय दूरदर्शन चैनलों के माध्यम से क्षेत्रीय भाषाओं में भी इसे दिखाया जाएगा। वहीं, आकाशवाणी क्षेत्रीय नेटवर्क के जरिए रात 9:30 बजे के बाद क्षेत्रीय भाषा संस्करणों का प्रसारण करेगी। यह क्रम इसलिए अपनाया जाता है ताकि अधिकतम लोगों तक संदेश उनकी सहज भाषा में पहुंच सके।

कहां और कैसे देखें/सुनें

  • समय: 25 जनवरी 2026, शाम 7:00 बजे (IST)
  • टीवी: दूरदर्शन के सभी चैनलों पर (पहले हिंदी, फिर अंग्रेज़ी)
  • रेडियो: आकाशवाणी के राष्ट्रीय नेटवर्क पर
  • क्षेत्रीय भाषाएं: दूरदर्शन के क्षेत्रीय चैनलों और आकाशवाणी के क्षेत्रीय नेटवर्क पर (रात 9:30 बजे के बाद)

गणतंत्र दिवस परेड और संबंधित कार्यक्रमों की तैयारियों के बीच यह संबोधन सार्वजनिक संवाद का एक संवैधानिक परंपरा-आधारित हिस्सा है। हर वर्ष यह भाषण देश के नागरिकों को एक साझा राष्ट्रीय क्षण में जोड़ता है—जहां संविधान, लोकतंत्र और नागरिक कर्तव्यों- अधिकारों की भावना को फिर से रेखांकित किया जाता है।

दिल्ली से लेकर देश के दूरस्थ इलाकों तक, प्रसारण के बहु-माध्यम (टीवी, रेडियो, क्षेत्रीय भाषाएं) इस बात को सुनिश्चित करते हैं कि संबोधन केवल औपचारिकता न रहकर व्यापक जनभागीदारी का अवसर बन सके। इस बार भी लोग संबोधन से यह संकेत तलाशेंगे कि राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, आर्थिक विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, विज्ञान-तकनीक और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर राष्ट्रपति का संदेश किस दिशा में केंद्रित रहता है।

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  1. President of India (Rashtrapati Bhavan)President of India (Rashtrapati Bhavan)