गणतंत्र दिवस पर दुनिया भर से भारत को बधाई, अमेरिका ने साझेदारी के क्षेत्रों का किया ज़िक्र
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर अमेरिका समेत कई देशों ने शुभकामनाएं भेजीं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के संदेश में भारत-अमेरिका सहयोग को रक्षा, ऊर्जा, खनिज और तकनीक जैसे क्षेत्रों में बहुस्तरीय बताया गया।
26 जनवरी 2026 को भारत ने 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। इस मौके पर दुनिया के कई देशों की ओर से बधाई संदेश आए, जिनमें अमेरिका का संदेश खास तौर पर चर्चा में रहा। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए दोनों देशों के बीच रिश्तों को “ऐतिहासिक” बताते हुए साझेदारी की दिशा पर जोर दिया।

रुबियो के बयान में यह संकेत दिया गया कि भारत और अमेरिका के रिश्ते सिर्फ औपचारिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कई व्यावहारिक क्षेत्रों में साथ बढ़ रहे हैं। संदेश में रक्षा सहयोग, ऊर्जा सहयोग, अहम खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) और तकनीकी साझेदारी जैसे क्षेत्रों का उल्लेख किया गया—यानी ऐसे सेक्टर जिनका असर सीधे सुरक्षा, सप्लाई चेन और भविष्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
गणतंत्र दिवस के मौके पर आने वाले ऐसे संदेश अक्सर दोनों देशों के प्राथमिकता वाले एजेंडों को भी रेखांकित करते हैं। 2026 में जब टेक, ऊर्जा ट्रांजिशन और रणनीतिक सुरक्षा से जुड़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धा तेज है, तब भारत-अमेरिका संबंधों में सहयोग के इन क्षेत्रों पर जोर आगे की दिशा का संकेत माना जा रहा है।
26 जनवरी का दिन भारत में संविधान लागू होने (26 जनवरी 1950) की वर्षगांठ है और राष्ट्रीय पर्व के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है। राजधानी दिल्ली में कर्तव्य पथ पर परेड के जरिए सांस्कृतिक विविधता, सैन्य क्षमता और लोकतांत्रिक परंपराओं की झलक दिखाई जाती है। इसी मंच पर अंतरराष्ट्रीय नेताओं और साझेदार देशों की प्रतिक्रियाएं भी अक्सर नई चर्चा को जन्म देती हैं।
इस वर्ष के बधाई संदेशों ने संकेत दिया कि भारत की भूमिका केवल घरेलू उपलब्धियों तक नहीं, बल्कि वैश्विक साझेदारियों और क्षेत्रीय स्थिरता से भी जुड़ी है। आने वाले महीनों में रक्षा सहयोग, तकनीक और सप्लाई-चेन से जुड़े कदम—जिनका संकेत ऐसे संदेशों में मिलता है—दोनों देशों के संबंधों की दिशा तय करने में अहम हो सकते हैं।