WPL 2026: यूपी वॉरियरज़ ने शिखा पांडे की ‘अनुभव’ वाली भूमिका पर जोर दिया, दीप्ति शर्मा को RTM से वापस लिया
ESPNcricinfo (हिंदी संस्करण) के अनुसार यूपी वॉरियरज़ के नए हेड कोच अभिषेक नायर ने बताया कि टीम शिखा पांडे का अनुभव चाहती थी और दीप्ति शर्मा को RTM के जरिए वापस लाना योजना का हिस्सा था।
WPL 2026 की नीलामी के बाद यूपी वॉरियरज़ की रणनीति पर चर्चा तेज है। ESPNcricinfo (हिंदी संस्करण का अनुवाद) में छपी रिपोर्ट के मुताबिक टीम के नए हेड कोच अभिषेक नायर ने कहा कि शिखा पांडे को खरीदने के पीछे ‘अनुभव’ एक बड़ा कारण था। टीम ने दीप्ति शर्मा को पहले रिलीज करने के बाद RTM (राइट टू मैच) विकल्प से वापस लिया और इंग्लैंड की लेफ्ट-आर्म स्पिनर सोफी एक्लेस्टोन को भी टीम में जोड़ा।

कोच नायर का संकेत: हाई-प्रेशर अनुभव और रोल क्लैरिटी
रिपोर्ट के अनुसार नायर का तर्क यह रहा कि शिखा पांडे ने हाई-प्रेशर टूर्नामेंट्स में खेला है और टीम को इसी तरह की मैच-मैनेजमेंट क्षमता की जरूरत थी। तेज गेंदबाजी यूनिट में युवाओं के साथ अनुभव का संतुलन बनाने का संकेत भी इस चयन में दिखता है। नायर ने यह भी बताया कि भारतीय खिलाड़ियों के मामले में RTM का उपयोग उनकी योजना का हिस्सा था, जिससे टीम का कोर बरकरार रहे।
शिखा पांडे का हालिया रास्ता
ESPN की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि शिखा पांडे ने आखिरी T20I फरवरी 2023 में खेला था और इसके बाद वे विभिन्न फ्रेंचाइज़ी लीगों में खेलती रही हैं। इस तरह का ट्रैक रिकॉर्ड फ्रेंचाइज़ी टीमों के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है, क्योंकि खिलाड़ी अलग-अलग परिस्थितियों और पिचों पर जल्दी एडजस्ट करने की क्षमता दिखाते हैं।
UPW के लिए आगे की चुनौती
WPL जैसे टूर्नामेंट में सफलता अक्सर स्क्वॉड डेप्थ, डेथ ओवर प्लानिंग और बड़े मैचों में शांत निर्णयों पर टिकी होती है। वॉरियरज़ का संकेत यह है कि वे दबाव वाले ओवरों के लिए अनुभवी विकल्प चाह रहे हैं और भारतीय कोर को बनाए रखते हुए विदेशी स्टार पावर से टीम को बैलेंस देना चाहते हैं।
कुल मिलाकर, यह नीलामी यूपी वॉरियरज़ की ‘अनुभव + निरंतरता’ रणनीति को दिखाती है—जहां शिखा पांडे जैसी अनुभवी गेंदबाज और दीप्ति शर्मा जैसी ऑलराउंडर को प्राथमिकता देकर टीम अगले सीजन में ज्यादा स्थिर प्रदर्शन का लक्ष्य रख रही है।