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सरकार 2025-26 तक 200 ‘डे कैंसर केयर सेंटर’ खोलने का लक्ष्य: राज्यसभा में स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा का बयान

स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि सरकार का लक्ष्य 2025-26 तक देश में 200 डे कैंसर केयर सेंटर खोलने का है। उद्देश्य मरीजों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना और अगले तीन वर्षों में सभी जिलों तक ऐसी सेवाओं का विस्तार करना है।

कैंसर देखभाल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने 2025-26 तक देशभर में 200 ‘डे कैंसर केयर सेंटर’ खोलने का लक्ष्य बताए जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी दी।

सरकार 2025-26 तक 200 ‘डे कैंसर केयर सेंटर’ खोलने का लक्ष्य: राज्यसभा में स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा का बयान
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रिपोर्ट के मुताबिक इन केंद्रों का उद्देश्य कैंसर रोगियों को कम-से-कम स्तर पर जरूरी, बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि इलाज के शुरुआती चरण, फॉलो-अप, और कुछ आवश्यक प्रक्रियाएं अधिक सुलभ हो सकें। ‘डे केयर’ मॉडल अक्सर इस विचार पर आधारित होता है कि मरीज को कई बार भर्ती होने की जरूरत न पड़े और वह दिन में इलाज/सेवा लेकर घर लौट सके।

स्वास्थ्य मंत्री के बयान में यह भी बताया गया कि अगले तीन वर्षों में सभी जिलों में ऐसे सेंटर स्थापित करने की दिशा में काम करने की योजना है। इसका मतलब यह निकलता है कि कैंसर सेवाओं का विस्तार सिर्फ बड़े महानगरों और चुनिंदा मेडिकल हब तक सीमित न रहकर जिला स्तर तक पहुंचाने पर जोर है।

कैंसर के मामले भारत में बढ़ते स्वास्थ्य बोझ के रूप में देखे जाते हैं, और इलाज की लागत, समय पर जांच, तथा उपचार तक पहुंच—तीनों बड़ी चुनौतियां मानी जाती हैं। जिला स्तर पर सुविधाएं बढ़ने से प्रारंभिक जांच, परामर्श और रेफरल नेटवर्क को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि देश के कई AIIMS/केंद्रीय अस्पतालों में ऑन्कोलॉजी विभाग मौजूद हैं और कुछ संस्थानों में बड़े कैंसर सेंटर भी चल रहे हैं। ऐसे में नए डे केयर सेंटर का ढांचा उन सुविधाओं के साथ ‘रीच’ बढ़ाने वाला कदम माना जा सकता है।

हालांकि, ऐसे लक्ष्यों का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करता है कि केंद्रों की लोकेशन, स्टाफिंग, दवाइयों/जांच की उपलब्धता, और मरीजों के लिए रेफरल-ट्रांसपोर्ट जैसी व्यवस्थाएं कितनी मजबूत बनती हैं। केवल भवन नहीं, बल्कि प्रशिक्षित मानव संसाधन और सपोर्ट सिस्टम इस मॉडल की सफलता तय करते हैं।

कुल मिलाकर, 200 डे कैंसर केयर सेंटर का लक्ष्य संकेत देता है कि कैंसर देखभाल को ‘स्पेशलिस्ट-केंद्रित’ मॉडल से आगे बढ़ाकर ‘जिला-स्तरीय पहुंच’ की ओर ले जाने की कोशिश की जा रही है।

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  1. NDTV IndiaNDTV India