मुख्य सामग्री पर जाएं
राष्ट्रीय समाचार डेस्कखबर · संदर्भ · स्रोत
खबर एक

खबर जहां, नज़र वहां

ठंड-बारिश के दौर में सेहत पर असर: मौसम विभाग के अलर्ट के बीच सर्दी बढ़ने की आशंका, सावधानी जरूरी

IMD के अलर्ट के मुताबिक 27 जनवरी 2026 को कई राज्यों में बारिश-तूफान और तेज हवाओं की संभावना है। ऐसे मौसम में ठंड और नमी बढ़ने से सर्दी-खांसी, अस्थमा/एलर्जी और जोड़ों के दर्द जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं, इसलिए सावधानी महत्वपूर्ण है।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के 27 जनवरी 2026 के अलर्ट के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर, यूपी, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और पुडुचेरी समेत कई हिस्सों में बारिश-गरज के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। जब तापमान घटे और हवा में नमी बढ़े, तो शरीर को गर्म रखने और संक्रमण से बचाव की जरूरत बढ़ जाती है।

ठंड-बारिश के दौर में सेहत पर असर: मौसम विभाग के अलर्ट के बीच सर्दी बढ़ने की आशंका, सावधानी जरूरी
संबंधित चित्र

क्यों बढ़ता है स्वास्थ्य जोखिम

बारिश और तेज हवा के साथ ठंडक बढ़ने पर शरीर का तापमान तेजी से गिर सकता है। गीले कपड़े, लंबे समय तक ठंडी हवा में रहना और रात में तापमान गिरना सर्दी-जुकाम के लक्षणों को बढ़ा सकता है। जिन लोगों को अस्थमा, एलर्जिक राइनाइटिस या पुरानी सांस की समस्या है, उनके लिए गरज-बारिश और ठंडी हवा ट्रिगर बन सकती है।

किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए

  • बुजुर्ग, छोटे बच्चे और गर्भवती महिलाएं
  • अस्थमा/सीओपीडी/एलर्जी वाले लोग
  • हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोग वाले लोग
  • जोड़ों के दर्द/आर्थराइटिस से परेशान लोग

व्यवहारिक सावधानियां (मौसम अलर्ट को ध्यान में रखकर)

  • बाहर निकलते समय गर्म परतदार कपड़े पहनें और बारिश की संभावना हो तो रेनकोट/छाता रखें।
  • गीले कपड़े तुरंत बदलें; नमी लंबे समय तक रहने पर सर्दी लगने का खतरा बढ़ता है।
  • ठंडी हवा में लंबे समय तक दोपहिया यात्रा से बचें; जरूरत हो तो चेहरा/गर्दन ढकें।
  • घर के अंदर वेंटिलेशन बनाए रखें लेकिन सीधे ठंडी हवा के ड्राफ्ट से बचें।
  • गर्म पेय/सूप जैसी चीजें शरीर को गर्म रखने में मदद कर सकती हैं; पर्याप्त पानी भी लें।

कब डॉक्टर से बात करें

अगर तेज बुखार, सांस लेने में दिक्कत, लगातार खांसी, सीने में जकड़न या ऑक्सीजन सैचुरेशन गिरने जैसे लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सा सलाह लेना जरूरी है। जो मरीज पहले से सांस या हृदय संबंधी दवाएं लेते हैं, वे अपनी नियमित दवा और इनहेलर/जरूरी दवाएं साथ रखें।

मौसम के इस बदलाव के दौरान सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि स्थानीय चेतावनियों के अनुसार दिनचर्या समायोजित करें और शरीर को ठंड व नमी से बचाएं—क्योंकि यही समय संक्रमण और सांस संबंधी ट्रिगर बढ़ने का होता है।

REPORTING RECORD

स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

  1. Navbharat TimesNavbharat Times