भारत 2026-2028 कार्यकाल के लिए सातवीं बार यूएन मानवाधिकार परिषद में चुना गया
भारत को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के लिए सातवीं बार चुने जाने की खबर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार नया तीन वर्षीय कार्यकाल 1 जनवरी 2026 से शुरू होकर 2028 तक चलेगा।
चुनाव और कार्यकाल की समय-सीमा
दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (UNHRC) के लिए सातवीं बार चुना गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि यह सदस्यता कार्यकाल 2026 से 2028 तक रहेगा और इसकी शुरुआत 1 जनवरी 2026 से मानी गई है।

UNHRC में भारत की भूमिका क्यों मायने रखती है
मानवाधिकार परिषद में सदस्यता से भारत को मानवाधिकार से जुड़ी वैश्विक बहसों और प्रस्तावों पर सक्रिय भागीदारी का मंच मिलता है। परिषद के एजेंडे में नागरिक/राजनीतिक अधिकार, संघर्ष क्षेत्रों में मानवाधिकार स्थिति, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, और अल्पसंख्यक अधिकार जैसे मुद्दे शामिल रहते हैं, जिन पर सदस्य देशों की प्राथमिकताएं और वोटिंग महत्वपूर्ण हो जाती है।
पृष्ठभूमि: पहले के कार्यकालों का संदर्भ
रिपोर्ट के अनुसार भारत इससे पहले भी कई कार्यकालों में परिषद का सदस्य रहा है। बार-बार चुना जाना अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की कूटनीतिक सक्रियता और समर्थन-आधार को दर्शाता है, हालांकि परिषद में सदस्यता के साथ घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार आकलनों पर बढ़ी हुई निगरानी भी जुड़ जाती है।
आगे किन चीजों पर नजर रहेगी
- 2026-2028 के दौरान भारत किन थीम/प्रस्तावों को प्राथमिकता देता है।
- परिषद में वोटिंग पैटर्न और गठबंधनों की दिशा।
- मानवाधिकार से जुड़े संवेदनशील वैश्विक मुद्दों पर भारत का सार्वजनिक रुख।
- घरेलू मानवाधिकार बहसों पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और संवाद।