गणतंत्र दिवस 2026: ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की झलक, पहली बार टी-90 और अर्जुन टैंक साथ, परेड कमांडर ने बताए हाइलाइट्स
77वीं गणतंत्र दिवस परेड को लेकर परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार ने NDTV को बताया कि इस बार ऑपरेशन सिंदूर में मिली निर्णायक विजय की झलक, बैटल एरे फॉर्मेशन और टी-90 व अर्जुन टैंकों की संयुक्त मौजूदगी जैसे कई नए तत्व दिखेंगे.
भारत की 77वीं गणतंत्र दिवस परेड (26 जनवरी 2026) को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। परेड से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करते हुए परेड कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार ने NDTV को बताया कि इस साल परेड में कुछ ऐसे विशेष तत्व शामिल किए जा रहे हैं, जो सैन्य क्षमता, ऑपरेशनल समन्वय और राष्ट्रीय संकल्प को ज्यादा स्पष्ट ढंग से दर्शाएंगे। उनके मुताबिक इस बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मिली निर्णायक विजय की झलक पहली बार झांकी/प्रस्तुति के माध्यम से सामने आएगी.

परेड का एक प्रमुख आकर्षण ‘बैटल एरे फॉर्मेशन’ रहेगा। इसमें कॉम्बैट एलिमेंट्स और सपोर्ट एलिमेंट्स की ग्रुपिंग का प्रदर्शन किया जाएगा, ताकि यह दिखाया जा सके कि आधुनिक युद्ध परिदृश्य में सेना की अलग-अलग इकाइयां किस तरह एक संयुक्त ढांचे में तालमेल के साथ ऑपरेट करती हैं। ऐसे फॉर्मेशन का उद्देश्य दर्शकों के सामने केवल हथियारों का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि सैन्य संगठन, लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशनल तैयारी के व्यापक पक्ष को भी समझाना है.
टी-90 और अर्जुन टैंक पहली बार साथ
लेफ्टिनेंट जनरल भवनीश कुमार के अनुसार इस बार पहली बार टी-90 और अर्जुन टैंक साथ में परेड का हिस्सा बनेंगे। यह संयोजन सेना की बख्तरबंद क्षमता की ताकत और विविधता दिखाता है। परेड में विभिन्न प्लेटफॉर्म्स की उपस्थिति यह भी संकेत देती है कि भारत अपने डिफेंस इकोसिस्टम में स्वदेशीकरण, अपग्रेडेशन और युद्धक तैयारी—तीनों मोर्चों पर लगातार आगे बढ़ रहा है.
गणतंत्र दिवस परेड हमेशा से भारत की सैन्य शक्ति और सांस्कृतिक बहुलता का संयुक्त प्रदर्शन मानी जाती रही है। इस बार भी परंपरा के साथ नवाचार का संतुलन दिखाने की कोशिश है—जहां एक ओर झांकियां भारत की विविधता का प्रतिनिधित्व करती हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य साजो-सामान, फॉर्मेशन और ऑपरेशनल नैरेटिव बदलते सुरक्षा परिदृश्य में देश की तैयारी को रेखांकित करते हैं.
संदेश क्या है?
परेड कमांडर के संकेतों से यह स्पष्ट होता है कि 2026 की परेड का संदेश केवल समारोह तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य यह बताना भी है कि भारत सुरक्षा के मोर्चे पर तकनीक, प्लेटफॉर्म्स और रणनीतिक समन्वय को लगातार मजबूत कर रहा है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे संदर्भों को शामिल करना, सैन्य सफलताओं की सार्वजनिक प्रस्तुति और सैनिकों के मनोबल—दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जा सकता है.
गणतंत्र दिवस के नजदीक आते ही सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर भी कई निर्देश जारी किए जाते हैं। दर्शकों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक एडवाइजरी के अनुसार समय से पहले पहुंचें, प्रतिबंधित वस्तुएं न लाएं और प्रवेश/निकास व्यवस्था का पालन करें ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संचालित हो.