गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन: एकता, लोकतंत्र और नागरिकों की भूमिका पर जोर
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 25 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश को संबोधित किया। संबोधन का प्रसारण आकाशवाणी और दूरदर्शन नेटवर्क पर हुआ। राष्ट्रपति ने संविधान के मूल्यों, लोकतांत्रिक सहभागिता, और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों के योगदान को रेखांकित किया।
गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या (25 जनवरी 2026) पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। राष्ट्रपति भवन के अनुसार, यह संबोधन शाम 7:00 बजे (1900 बजे) आकाशवाणी के राष्ट्रीय नेटवर्क पर प्रसारित और दूरदर्शन के सभी चैनलों पर प्रसारण किया गया—पहले हिंदी में और फिर अंग्रेज़ी में।

प्रसारण व्यवस्था: हिंदी-इंग्लिश के बाद क्षेत्रीय भाषाएं
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दूरदर्शन पर हिंदी और अंग्रेज़ी प्रसारण के बाद क्षेत्रीय चैनलों पर क्षेत्रीय भाषाओं में भी प्रसारण किया जाना है। वहीं, आकाशवाणी ने 9:30 बजे (2130 बजे) के बाद क्षेत्रीय नेटवर्क पर क्षेत्रीय भाषा संस्करण प्रसारित करने की बात कही।
भाषण के मुख्य संकेत
समाचार रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय एकता, लोकतांत्रिक संस्थाओं की मजबूती और राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने संविधान के मूल्यों को याद करते हुए यह रेखांकित किया कि अलग-अलग क्षेत्रों में काम करने वाले लोग—किसान, शिक्षक, वैज्ञानिक, श्रमिक, उद्यमी और समाजसेवी—देश की प्रगति को दिशा देते हैं।
राष्ट्रीय मतदाता दिवस का उल्लेख
भाषण के पाठ में 25 जनवरी को ‘राष्ट्रीय मतदाता दिवस’ के रूप में मनाए जाने का उल्लेख भी मिलता है, जहां मताधिकार को लोकतंत्र की बुनियादी ताकत बताते हुए जागरूक मतदान की अहमियत पर बात की गई।
हर साल यह संबोधन गणतंत्र दिवस समारोह का स्वर तय करता है। इस बार भी भाषण में लोकतंत्र, सहभागिता और समावेशी विकास जैसे विषयों पर जोर दिखा, जो 26 जनवरी के राष्ट्रीय आयोजन के संदर्भ में संदेश की रूपरेखा बनाते हैं।
अगले चरण में 26 जनवरी को होने वाले कार्यक्रमों में विभिन्न राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों और मंत्रालयों की झांकियां तथा अन्य औपचारिक आयोजन शामिल रहेंगे, जिनका व्यापक कवरेज अपेक्षित है।