राहुल गांधी गणतंत्र दिवस परेड में दिखे, कर्तव्य पथ पर झांकियां देखते हुए कैमरे में आए
NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, 26 जनवरी 2026 की गणतंत्र दिवस परेड में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी भी नजर आए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि पिछले साल 15 अगस्त के कार्यक्रम में उनकी गैरमौजूदगी को लेकर आलोचना हुई थी।
क्या हुआ
गणतंत्र दिवस के अवसर पर सोमवार, 26 जनवरी 2026 को आयोजित परेड में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी शामिल हुए। NDTV की रिपोर्ट के अनुसार, वह परेड में झांकियों को देखते और उनका स्वागत करते नजर आए। उनके साथ आस-पास अन्य प्रमुख नेता भी दिखाई दिए, जिससे यह उपस्थिति दिन की राजनीति-संबंधी चर्चाओं में शामिल हो गई।

रिपोर्ट में यह संदर्भ भी जोड़ा गया कि पिछले साल स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के कार्यक्रम में राहुल गांधी के नहीं पहुंचने पर उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था। ऐसे में गणतंत्र दिवस परेड में उनकी मौजूदगी को राजनीतिक दृष्टि से ‘संदेश’ के रूप में भी देखा गया—खासकर राष्ट्रीय आयोजनों में विपक्षी नेतृत्व की दृश्यता और सहभागिता के लिहाज से।
परेड आमतौर पर गैर-दलीय, राष्ट्रीय समारोह का रूप रखती है, लेकिन इसमें शामिल प्रमुख राजनीतिक चेहरों की उपस्थिति—और अनुपस्थिति—हमेशा सुर्खियां बनती है। इस साल भी राष्ट्रीय सुरक्षा, पहचान-राजनीति, संस्थागत बहसों और संविधान के मूल्यों पर चल रही बहसों की पृष्ठभूमि में इस उपस्थिति पर चर्चाएं हुईं।
क्यों मायने रखता है
राष्ट्रीय समारोहों में विपक्ष का प्रतिनिधित्व प्रतीकात्मक होता है, लेकिन लोकतांत्रिक परंपराओं में इसका अपना महत्व है। यह घरेलू राजनीति में संदेश देता है कि प्रतिस्पर्धी दलों के बीच मतभेदों के बावजूद संविधान और राष्ट्रीय आयोजनों के प्रति साझी प्रतिबद्धता बनी रहती है।
आगे क्या
आने वाले दिनों में संसद सत्र, नीतिगत बहस और राज्यों की राजनीति में विपक्ष की रणनीति पर फोकस बढ़ेगा। ऐसे में राष्ट्रीय मंचों पर नेतृत्व की मौजूदगी और सार्वजनिक संकेतों को लेकर राजनीतिक टिप्पणी जारी रह सकती है।