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आईआईटी खड़गपुर में ‘AI for Science and Technology’ पर दो दिवसीय कार्यशाला: एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के प्री-समिट कार्यक्रम के तौर पर आयोजन

हिन्दुस्थान समाचार के मुताबिक आईआईटी खड़गपुर में ‘AI for Science and Technology’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। यह ‘AI Impact Summit 2026’ के प्री-समिट कार्यक्रम के रूप में आयोजित की गई, जिसमें एआई आधारित मैटेरियल्स डिस्कवरी सहित कई तकनीकी विषयों पर चर्चा हुई।

देश में शोध और उद्योग के बीच एआई आधारित सहयोग तेजी से बढ़ रहा है, और इसी दिशा में आईआईटी खड़गपुर में एक अहम पहल सामने आई है। हिन्दुस्थान समाचार की 20 जनवरी 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर में ‘AI for Science and Technology’ विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। रिपोर्ट में बताया गया कि यह कार्यशाला ‘AI Impact Summit 2026’ के प्री-समिट कार्यक्रम के तौर पर आयोजित की जा रही है और इसे संस्थान के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस विभाग तथा कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग ने संयुक्त रूप से आयोजित किया।

आईआईटी खड़गपुर में ‘AI for Science and Technology’ पर दो दिवसीय कार्यशाला: एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के प्री-समिट कार्यक्रम के तौर पर आयोजन
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उद्घाटन और प्रमुख वक्ता

रिपोर्ट के मुताबिक कार्यशाला का औपचारिक उद्घाटन आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने किया, जिन्होंने आधुनिक विज्ञान में एआई की भूमिका पर बात रखी। इसके बाद एआई विभाग के प्रमुख प्रो. प्लाबन कुमार भौमिक और सीएसई विभाग के प्रमुख प्रो. निलय गांगुली ने संस्थान में विकसित हो रहे एआई इकोसिस्टम का परिचय दिया। प्लेनरी सत्र में नीति आयोग की सदस्य देबजानी घोष ने ‘Frontiers of Technology and its implications for India’ विषय पर संबोधन किया, जिसमें भारत के विकास में तकनीक की भूमिका और संभावनाओं पर जोर दिया गया।

टेक्निकल ट्रैक: मैटेरियल्स डिस्कवरी से लेकर जेनरेटिव डिजाइन तक

रिपोर्ट में बताया गया कि तकनीकी सत्रों का एक प्रमुख फोकस ‘AI for Accelerated Materials Discovery’ पर रहा। इसमें आईआईटी दिल्ली, एचआरआई इलाहाबाद, टीसीजी क्रेस्ट, शेल, प्रेसेन्स इनसिलिको, डीआईएटी पुणे और इंडो-कोरिया साइंस एंड टेक्नोलॉजी सेंटर जैसे संस्थानों/संगठनों के शोधकर्ता और विशेषज्ञ शामिल हुए। चर्चा में मशीन लर्निंग सक्षम वैज्ञानिक खोज, जेनरेटिव मैटेरियल्स डिजाइन और एआई-सिमुलेशन इंटीग्रेशन जैसे क्षेत्रों में हो रही प्रगति पर विचार साझा किए गए।

क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्यशाला

ऐसी कार्यशालाएं इसलिए महत्वपूर्ण मानी जाती हैं क्योंकि वे एआई को केवल आईटी/सॉफ्टवेयर तक सीमित न रखकर विज्ञान, इंजीनियरिंग और इंडस्ट्रियल एप्लिकेशन की मुख्यधारा में लाती हैं। मैटेरियल्स डिस्कवरी जैसी दिशा में एआई का उपयोग नए पदार्थों की पहचान, परीक्षण की लागत कम करने और अनुसंधान की गति बढ़ाने में मदद कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, IIT खड़गपुर का यह आयोजन इसी व्यापक दृष्टि का हिस्सा है।

REPORTING RECORD

स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

  1. हिन्दुस्थान समाचारहिन्दुस्थान समाचार