Meta का AI पर बड़ा दांव: 2025 में 60–65 अरब डॉलर तक निवेश की योजना, प्रतिस्पर्धा तेज होने के बीच कैपेक्स बढ़ने के संकेत
मनीकंट्रोल हिंदी के अनुसार Meta ने AI गतिविधियों पर खर्च बढ़ाने की योजना बताई है। सीईओ मार्क जुकरबर्ग के मुताबिक 2025 में कंपनी का पूंजीगत खर्च 60–65 अरब डॉलर तक जा सकता है, जो 2024 के अनुमानित 38–40 अरब डॉलर से अधिक है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर वैश्विक टेक कंपनियों में प्रतिस्पर्धा लगातार तीखी होती जा रही है—चाहे बात बड़े भाषा मॉडल, कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर, या जनरेटिव AI फीचर्स को उत्पादों में जोड़ने की हो। मनीकंट्रोल हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार फेसबुक की पेरेंट कंपनी Meta ने AI से जुड़ी गतिविधियों पर खर्च बढ़ाने की योजना साझा की है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि Meta के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने 24 जनवरी को बताया कि कंपनी 2025 में AI पुश के लिए कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर (पूंजीगत खर्च) 60–65 अरब डॉलर तक ले जा सकती है। यह स्तर पिछले साल (2024) के 38–40 अरब डॉलर के कैपेक्स अनुमान की तुलना में काफी ज्यादा है, यानी निवेश का पैमाना स्पष्ट रूप से बढ़ने वाला है।
इस निवेश का मतलब क्या हो सकता है
इतने बड़े कैपेक्स का संकेत आम तौर पर डेटा सेंटर विस्तार, GPU/एक्सेलरेटर हार्डवेयर खरीद, नेटवर्किंग और ऊर्जा क्षमता बढ़ाने जैसी जरूरतों से जुड़ता है। AI मॉडल को ट्रेन/सर्व करने के लिए भारी कंप्यूटिंग संसाधन चाहिए होते हैं, इसलिए कंपनियां अक्सर मल्टी-ईयर इंफ्रास्ट्रक्चर बिल्ड-आउट करती हैं।
ग्राहक स्तर पर इसका असर Meta के प्रोडक्ट इकोसिस्टम—जैसे सोशल प्लेटफॉर्म पर AI-आधारित कंटेंट टूल्स, मॉडरेशन, एड-टार्गेटिंग, और मैसेजिंग/क्रिएटर फीचर्स—में तेज अपडेट के रूप में दिख सकता है। साथ ही, निवेशक और बाजार आम तौर पर यह भी देखते हैं कि बढ़ते खर्च के बदले राजस्व/मार्जिन में कितना सुधार आता है।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि यह जानकारी जुकरबर्ग ने Threads पर पोस्ट के जरिए साझा की। AI रेस में जहां प्रतिस्पर्धी कंपनियां भी अपने-अपने निवेश बढ़ा रही हैं, वहीं Meta का यह कदम बताता है कि कंपनी 2025 को AI इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमताओं के लिहाज से एक निर्णायक साल मानकर चल रही है।