टेक-ड्रिवन गवर्नेंस पर जोर: Naidu ने अधिकारियों से AI का उपयोग बढ़ाने और निर्णय-प्रक्रिया को डेटा-आधारित करने को कहा
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रशासनिक समीक्षा बैठक में टेक्नोलॉजी-ड्रिवन गवर्नेंस को विस्तार देने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने विभागों से AI टूल्स के जरिए नागरिक शिकायतों का तेज समाधान, निर्णय-प्रक्रिया में एनालिटिक्स का उपयोग और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण व ऑडिट जैसी व्यवस्थाएं मजबूत करने को कहा।
AI और डेटा-आधारित निर्णय: राज्य प्रशासन की नई दिशा
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने राज्य प्रशासन में तकनीक-आधारित शासन को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, एक समीक्षा बैठक में उन्होंने विभागों के अधिकारियों से कहा कि सार्वजनिक सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स का अधिक व्यापक उपयोग किया जाए, ताकि कामकाज की दक्षता बढ़े और फील्ड-लेवल स्टाफ पर अनावश्यक बोझ कम हो।

नायडू का फोकस दो हिस्सों में दिखता है: पहला, नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गति और गुणवत्ता; दूसरा, सरकार के अंदर निर्णय लेने के तरीके में बदलाव। AI का प्रयोग यदि सही डेटा, स्पष्ट जवाबदेही और मानव-निर्णय की निगरानी के साथ किया जाए, तो शिकायत-निवारण, संसाधन आवंटन और पूर्वानुमान (forecasting) जैसे काम बेहतर हो सकते हैं।
कौन से काम AI से प्रभावित हो सकते हैं
रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने विभागों से AI टूल्स के जरिए नागरिक शिकायतों का तेजी से समाधान करने और निर्णय-प्रक्रिया में एनालिटिक्स को शामिल करने की बात कही। इसका व्यावहारिक अर्थ यह है कि हेल्थ, कृषि, राजस्व, परिवहन, सड़कें, अग्निशमन जैसी सेवाओं में डेटा-संचालित मॉनिटरिंग, रियल-टाइम डैशबोर्ड और प्राथमिकता-आधारित कार्रवाई का ढांचा बन सकता है।
ऐसे सिस्टम में अक्सर ‘ट्रायेज’ मॉडल अपनाया जाता है, यानी शिकायत/समस्या की गंभीरता के आधार पर उसे प्राथमिकता दी जाती है। AI आधारित वर्गीकरण (classification) और पैटर्न-डिटेक्शन से यह तय हो सकता है कि किस इलाके में कौन सी समस्या बार-बार आ रही है और किस विभाग को संसाधन बढ़ाने की जरूरत है।
ट्रेनिंग और ऑडिट क्यों जरूरी
AI को सरकारी कामकाज में जोड़ने की सबसे बड़ी चुनौती केवल तकनीक नहीं, बल्कि मानव क्षमता, प्रक्रिया और जवाबदेही है। इसी वजह से नायडू ने कर्मचारियों के प्रशिक्षण और नियमित प्रदर्शन ऑडिट पर भी जोर देने की बात कही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि तकनीक का उपयोग सतही ‘डिजिटलीकरण’ न रह जाए, बल्कि मापने योग्य परिणाम दे।
साथ ही, AI सिस्टम में पारदर्शिता, डेटा सुरक्षा और गलत निर्णयों के जोखिम को कम करने के लिए स्पष्ट नियम और मानव-निगरानी भी जरूरी है। शासन में AI का अर्थ यह नहीं कि जिम्मेदारी मशीन पर डाल दी जाए; बल्कि लक्ष्य यह है कि बेहतर जानकारी के आधार पर बेहतर निर्णय लिए जाएं।
- केंद्र बिंदु: टेक-ड्रिवन गवर्नेंस और AI का उपयोग
- लक्ष्य: शिकायत-निवारण में तेजी, दक्षता और डेटा-आधारित निर्णय
- जरूरी शर्तें: स्टाफ ट्रेनिंग, परफॉर्मेंस ऑडिट, जवाबदेही
- क्षेत्र: स्वास्थ्य, कृषि, राजस्व, परिवहन सहित कई विभाग