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कश्मीर में ताज़ा बर्फबारी के बीच श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग तीसरे दिन भी बंद, सैकड़ों वाहन फंसे

कश्मीर के कुछ हिस्सों में ताज़ा बर्फबारी के बाद श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार तीसरे दिन भी बंद रहा। बर्फ हटाने का काम जारी है, लेकिन मौसम और ताज़ी बर्फबारी के कारण बहाली में समय लग सकता है।

क्या हुआ और कब से समस्या बनी

25 जनवरी 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, कश्मीर के कुछ इलाकों में ताज़ा बर्फबारी हुई, जिसके चलते श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग तीसरे दिन भी बंद रहा। बताया गया कि यह प्रमुख मार्ग पहले भारी बर्फबारी के कारण बंद हुआ था और तब से कई जगहों पर सफाई व बहाली का काम लगातार चल रहा है।

कश्मीर में ताज़ा बर्फबारी के बीच श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग तीसरे दिन भी बंद, सैकड़ों वाहन फंसे
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राष्ट्रीय राजमार्ग का बंद होना केवल स्थानीय आवागमन तक सीमित समस्या नहीं है। यह जम्मू और कश्मीर घाटी के बीच सामान, ईंधन, दवाइयों और दैनिक जरूरतों की आपूर्ति को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए मार्ग बहाली को प्रशासन आमतौर पर शीर्ष प्राथमिकताओं में रखता है।

वाहन क्यों फंसे और बहाली में देरी क्यों

रिपोर्ट के मुताबिक, सैकड़ों वाहन राजमार्ग पर फंसे हुए बताए गए। जब किसी हिस्से में लगातार हिमपात होता है तो बर्फ हटाने के बाद भी दो चुनौतियां बनी रहती हैं: (1) पहाड़ी क्षेत्रों में दोबारा बर्फ गिरने से साफ की गई सतह फिर ढक जाती है, (2) फिसलन, दृश्यता और सुरक्षा जोखिम के कारण यातायात तुरंत खोलना संभव नहीं रहता।

यातायात पुलिस और सड़क एजेंसियां आमतौर पर मशीनों से बर्फ हटाती हैं, फिर सड़क की स्थिति और मौसम पूर्वानुमान देखते हुए ‘कन्वॉय’ या चरणबद्ध तरीके से गाड़ियों को आगे बढ़ने देती हैं। यदि किसी क्षेत्र में लगातार हल्की/मध्यम बर्फबारी बनी रहे, तो बहाली की समय-सीमा बढ़ सकती है।

यात्रियों और स्थानीय लोगों पर असर

लंबे समय तक मार्ग बंद रहने पर यात्रियों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन कश्मीर क्षेत्र में मौसम के दौरान विकल्प भी सीमित हो सकते हैं। इससे यात्रा समय बढ़ता है, खर्च बढ़ता है और कभी-कभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में देरी भी होती है।

ऐसी परिस्थितियों में प्रशासन आम तौर पर ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करता है, और यात्रियों से अपील करता है कि वे सड़क खुलने की आधिकारिक पुष्टि होने तक अनावश्यक यात्रा टालें। स्थानीय स्तर पर एंबुलेंस/मेडिकल जरूरतों के लिए प्राथमिकता मार्ग सुनिश्चित करना भी अहम हो जाता है।

आगे क्या देखना होगा

राजमार्ग कब खुलेगा, यह मुख्य रूप से बर्फबारी की तीव्रता, सफाई कार्य की प्रगति और सुरक्षा आकलन पर निर्भर करेगा। यदि ताज़ी बर्फबारी रुकती है और मौसम स्थिर होता है, तो उम्मीद की जा सकती है कि चरणबद्ध तरीके से यातायात बहाल किया जाएगा।

REPORTING RECORD

स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

  1. Times Now NavbharatTimes Now Navbharat