इराक में सत्ता गठन की कवायद: प्रभावशाली गठबंधन ने नूरी अल-मलिकी को प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार नामित किया
इराक की राजनीति में नई हलचल के बीच एक प्रभावशाली राजनीतिक गठबंधन ने पूर्व प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब कार्यवाहक प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी के इस महीने की शुरुआत में दौड़ से हटने की खबर सामने आई थी।
इराक में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया के बीच राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक गठबंधन ने पूर्व प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी को प्रधानमंत्री पद के लिए अपना उम्मीदवार नामित किया है।

उम्मीदवारी का ऐलान किन हालातों में
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब कार्यवाहक प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी के इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री पद की दौड़ से हटने की जानकारी दी गई। खबर के अनुसार, अल-सुदानी के गठबंधन ने हाल के संसदीय चुनावों में सबसे अधिक सीटें जीती थीं, लेकिन उनके हटने के बाद उम्मीदवार चयन को लेकर समीकरण बदल गए।
संविधान के मुताबिक अगला कदम क्या
इराक के संविधान के तहत संसद पहले राष्ट्रपति का चुनाव करती है। इसके बाद राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की नियुक्ति करता है, और प्रधानमंत्री को नई सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपी जाती है। रिपोर्ट में कहा गया कि संबंधित गठबंधन ने संसद से राष्ट्रपति चुनाव के लिए सत्र बुलाने का आग्रह किया है।
अल-मलिकी के नाम पर क्यों सहमति
खबर के मुताबिक, गठबंधन ने अल-मलिकी को पसंदीदा उम्मीदवार बताते हुए उनके राजनीतिक और प्रशासनिक अनुभव का हवाला दिया। इराकी राजनीति में अल-मलिकी पहले भी बड़े पदों पर रह चुके हैं, इसलिए उनके नाम को लेकर समर्थन और विरोध—दोनों तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आने की संभावना रहती है।
आने वाले दिनों में राष्ट्रपति चुनाव के लिए संसद का सत्र, और उसके बाद प्रधानमंत्री के नाम पर औपचारिक निर्णय—इन दोनों घटनाक्रमों पर इराक के भीतर और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नजर रहेगी। यह प्रक्रिया यह भी तय करेगी कि विभिन्न दल और गठबंधन सत्ता में साझेदारी कैसे करते हैं।
इराक में सत्ता संतुलन अक्सर गठबंधन-आधारित राजनीति पर निर्भर रहा है, इसलिए एक नाम के चयन के साथ-साथ मंत्रालयों के बंटवारे और नीति प्राथमिकताओं को लेकर भी बातचीत तेज हो सकती है।