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चीन की आबादी 2025 में लगातार चौथे साल घटी; जन्मदर 1949 के बाद सबसे निचले स्तर पर

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार चीन की जनसंख्या 2025 में चौथे साल भी कम हुई। जन्मदर रिकॉर्ड शुरू होने के बाद सबसे नीचे बताई गई है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह रुझान श्रम बाजार, आर्थिक वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा पर दीर्घकालिक दबाव बढ़ा सकता है।

आंकड़ों में क्या सामने आया

चीन की जनसंख्या 2025 में लगातार चौथे साल घटी है। रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में करीब 7.92 मिलियन बच्चों का जन्म हुआ और जन्मदर घटकर प्रति 1,000 लोगों पर 5.63 रह गई—इसे 1949 के बाद का सबसे निचला स्तर बताया गया। मृत्यु-दर के साथ मिलाकर कुल आबादी करीब 1.404 बिलियन के आसपास आंकी गई, जो पिछले वर्ष से लगभग 30 लाख कम है। ([amp.dw.com](https://amp.dw.com/en/china-population-sinks-for-fourth-year-in-a-row/a-75558927?utm_source=openai))

चीन की आबादी 2025 में लगातार चौथे साल घटी; जन्मदर 1949 के बाद सबसे निचले स्तर पर
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यह ट्रेंड ऐसे समय पर है जब भारत 2023 में जनसंख्या के लिहाज से चीन को पीछे छोड़ चुका है। चीन में प्रजनन दर कम रहने की वजहों में बदलती जीवनशैली, शहरीकरण, बच्चों की परवरिश की लागत और काम-जीवन दबाव जैसे कारक अक्सर चर्चा में रहते हैं। ([amp.dw.com](https://amp.dw.com/en/china-population-sinks-for-fourth-year-in-a-row/a-75558927?utm_source=openai))

सरकार के कदम और चुनौती

बीते वर्षों में चीन ने बच्चे पैदा करने के लिए आर्थिक प्रोत्साहन, सब्सिडी और अन्य सहूलियतों जैसे उपायों की घोषणा की, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार वांछित असर अभी तक नहीं दिखा। जनसांख्यिकी विशेषज्ञ चेतावनी देते रहे हैं कि लगातार घटती जन्मदर और बढ़ती बुजुर्ग आबादी पेंशन, हेल्थकेयर और कार्यबल की उपलब्धता पर भारी असर डाल सकती है। ([amp.dw.com](https://amp.dw.com/en/china-population-sinks-for-fourth-year-in-a-row/a-75558927?utm_source=openai))

नीति-स्तर पर चुनौती यह भी है कि प्रोत्साहन तभी कारगर होते हैं जब परिवारों के लिए आवास, शिक्षा और स्वास्थ्य खर्च के बोझ को वास्तविक रूप से कम किया जाए। कई देशों का अनुभव बताता है कि केवल नकद सहायता पर्याप्त नहीं होती; childcare, parental leave और नौकरी-सुरक्षा जैसे उपाय भी उतने ही अहम बन जाते हैं। ([amp.dw.com](https://amp.dw.com/en/china-population-sinks-for-fourth-year-in-a-row/a-75558927?utm_source=openai))

वैश्विक असर और आगे की तस्वीर

चीन दुनिया की प्रमुख विनिर्माण अर्थव्यवस्थाओं में है, इसलिए आबादी में बदलाव का असर वैश्विक सप्लाई-चेन, खपत पैटर्न और निवेश प्रवाह पर भी पड़ सकता है। यदि कामकाजी उम्र की आबादी घटती है तो उत्पादकता बढ़ाने के लिए ऑटोमेशन और उच्च-कौशल निवेश की मांग बढ़ सकती है। ([amp.dw.com](https://amp.dw.com/en/china-population-sinks-for-fourth-year-in-a-row/a-75558927?utm_source=openai))

रिपोर्ट में संयुक्त राष्ट्र के कुछ अनुमानों का उल्लेख भी मिलता है, जिनके अनुसार दीर्घकाल में चीन की आबादी में बड़ी गिरावट संभव बताई गई है। हालांकि ऐसे अनुमान कई मान्यताओं पर निर्भर होते हैं, लेकिन संकेत यही है कि जनसांख्यिकी अब चीन की आर्थिक और सामाजिक नीति का केंद्रीय मुद्दा बनती जा रही है। ([amp.dw.com](https://amp.dw.com/en/china-population-sinks-for-fourth-year-in-a-row/a-75558927?utm_source=openai))

REPORTING RECORD

स्रोत और रिपोर्टिंग रिकॉर्ड

  1. DWDW