यूरोपीय संघ और दक्षिण अमेरिकी ब्लॉक मर्कोसुर के बीच व्यापार समझौते पर सहमति बन गई। समर्थक इसे निर्यात बढ़ाने और शुल्क बचत से जोड़ रहे हैं, जबकि फ्रांस व पोलैंड सहित कई देशों में किसान इसे नुकसानदेह मानकर सड़कों पर उतर आए।
26 जनवरी 2026 के राष्ट्रीय अवकाश के चलते बीएसई और एनएसई पर इक्विटी, एफएंडओ, करेंसी डेरिवेटिव्स समेत सभी प्रमुख सेगमेंट में ट्रेडिंग बंद रही। बाजार 27 जनवरी को सामान्य कारोबार के लिए दोबारा खुलेंगे।
दावोस में WEF अध्यक्ष बोर्गे ब्रेंडे ने NDTV को दिए इंटरव्यू में भारत की वृद्धि और सुधारों की सराहना की। उन्होंने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट से फायदे बढ़ सकते हैं।
26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के कारण BSE और NSE में इक्विटी सेगमेंट की ट्रेडिंग नहीं हुई। रिपोर्ट में निवेशकों को 2026 के ट्रेडिंग हॉलिडे कैलेंडर और आने वाले दिनों की जानकारी भी दी गई।
26 जनवरी 2026 को राष्ट्रीय अवकाश के कारण भारतीय शेयर बाजारों में ट्रेडिंग पूरी तरह बंद है। रिपोर्ट के मुताबिक, इक्विटी, F&O, करेंसी और SLB के साथ कमोडिटी ट्रेडिंग भी निलंबित है। बैंक शाखाएं बंद हैं, लेकिन डिजिटल बैंकिंग सेवाएं सामान्य रहेंगी।
गणतंत्र दिवस के चलते 26 जनवरी 2026 को NSE और BSE में इक्विटी ट्रेडिंग नहीं हुई। निवेशकों के लिए ट्रेडिंग हॉलिडे कैलेंडर और सेटलमेंट प्लानिंग इस दिन खास तौर पर महत्वपूर्ण रही।
Moneycontrol Hindi के अनुसार गणतंत्र दिवस पर 26 जनवरी 2026 को BSE और NSE में ट्रेडिंग नहीं हुई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि बजट 2026 के मद्देनज़र 1 फरवरी (रविवार) को बाजार खुला रहने को लेकर एक्सचेंजों के सर्कुलर का उल्लेख किया गया।
केंद्रीय बजट 2026 के दिन यानी 1 फरवरी 2026 (रविवार) को NSE और BSE पर नियमित समय के अनुसार ट्रेडिंग होगी। रिपोर्ट के मुताबिक BSE ने रविवार की ट्रेडिंग में T+0 सेटलमेंट और ऑक्शन सेशन को लेकर भी स्पष्ट किया है कि ये सुविधाएं उपलब्ध नहीं रहेंगी।
NDTV के मुताबिक, सोमवार 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के कारण BSE और NSE पूरी तरह बंद रहे। इक्विटी ट्रेडिंग के साथ-साथ इक्विटी डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और इंटरेस्ट रेट से जुड़ी ट्रेडिंग भी नहीं हुई; MCX पर भी कमोडिटी ट्रेडिंग बंद रही।
अमर उजाला की बिजनेस अपडेट के मुताबिक 2026 के शुरुआती दो कारोबारी सत्रों में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 7,608 करोड़ रुपये निकाले। रिपोर्ट में मुद्रा अस्थिरता, वैश्विक व्यापार तनाव और संभावित टैरिफ चिंताओं को कारण बताया गया।
लाइवमिंट की रिपोर्ट के अनुसार, 12 जनवरी 2026 को लगातार छठे दिन बाजार में गिरावट दिखी। सेंसेक्स दिन के कारोबार में लगभग 700 अंक तक फिसला और निफ्टी 50 25,500 के नीचे आया। रिपोर्ट में गिरावट के पीछे 3 प्रमुख वजहों का जिक्र किया गया।
एक रिपोर्ट में कम लागत वाले बिजनेस आइडियाज पर फोकस किया गया है, जिसमें 7 हजार रुपये के आसपास शुरुआती निवेश से छोटे-छोटे काम शुरू करने और नियमित कमाई की संभावना बताई गई है। इसमें घरेलू/स्थानीय मांग वाले कामों पर जोर है।