गणतंत्र दिवस के राष्ट्रीय अवकाश के कारण 26 जनवरी 2026 (सोमवार) को भारतीय शेयर बाजार बंद है। BSE और NSE में इक्विटी, इक्विटी डेरिवेटिव्स (F&O), करेंसी डेरिवेटिव्स और SLB सेगमेंट में ट्रेडिंग नहीं होगी। निवेशकों को अपने ऑर्डर, सेटलमेंट और ट्रेडिंग प्लान उसी अनुसार समायोजित करने की सलाह दी गई है।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने प्रशासनिक समीक्षा बैठक में टेक्नोलॉजी-ड्रिवन गवर्नेंस को विस्तार देने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ाने पर जोर दिया। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने विभागों से AI टूल्स के जरिए नागरिक शिकायतों का तेज समाधान, निर्णय-प्रक्रिया में एनालिटिक्स का उपयोग और कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण व ऑडिट जैसी व्यवस्थाएं मजबूत करने को कहा।
26 जनवरी 2026 को भारत ने 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। इस बार कर्तव्य पथ पर समारोह की खास बात यह रही कि यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंतोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहीं। परेड में यूरोपीय संघ का मार्चिंग दस्ता भी भारतीय टुकड़ियों के साथ शामिल हुआ, जिसे भारत–EU संबंधों की बढ़ती निकटता के रूप में देखा जा रहा है।
Union Budget 2026-27 से पहले जारी एक अकादमिक अध्ययन में भारत में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यय बढ़ाने की सिफारिश की गई है। स्टडी के मुताबिक आर्थिक-सामाजिक बदलावों के साथ इलाज की लागत बढ़ रही है और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच में असमानताएं भी गहरी हो रही हैं, इसलिए सार्वजनिक निवेश बढ़ाकर इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वभौमिक पहुंच को मजबूत करना जरूरी है।
2026 फुटबॉल वर्ल्ड कप कई स्तरों पर अलग होगा—फॉर्मैट, लॉजिस्टिक्स और आयोजन-स्केल से लेकर प्रशंसकों के अनुभव तक। डीडब्ल्यू की रिपोर्ट में बताया गया है कि टूर्नामेंट की संरचना और संचालन में बदलाव का असर टीमों, यात्रा और मैच-शेड्यूलिंग पर दिखेगा।
भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने नई दिल्ली और ब्रसेल्स के रिश्तों को नई राजनीतिक-आर्थिक दिशा देने का संकेत दिया। कार्यक्रम के साथ-साथ साझेदारी, निवेश और नियम-आधारित वैश्विक व्यवस्था पर भी जोर दिखा।
यूरोपीय संघ और दक्षिण अमेरिकी ब्लॉक मर्कोसुर के बीच व्यापार समझौते पर सहमति बन गई। समर्थक इसे निर्यात बढ़ाने और शुल्क बचत से जोड़ रहे हैं, जबकि फ्रांस व पोलैंड सहित कई देशों में किसान इसे नुकसानदेह मानकर सड़कों पर उतर आए।
उत्तर कोरिया ने 2026 की शुरुआत में बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण कर क्षेत्रीय तनाव बढ़ाया। जापान ने इसे शांति व स्थिरता के लिए खतरा बताया, जबकि प्योंगयांग ने वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा भी की।
ईरान में बढ़ती महंगाई और मुद्रा के अवमूल्यन से उपजे विरोध प्रदर्शनों ने आर्थिक संकट को उजागर किया है। विशेषज्ञों के अनुसार दबाव केवल राजनीति तक सीमित नहीं, बल्कि आम लोगों की जीवन-व्यवस्था, दवाइयों-इलाज और रोजमर्रा के खर्च तक पहुंच रहा है।
यूरोप में आधुनिक पनचक्की और माइक्रो-हाइड्रो समाधानों पर चर्चा बढ़ रही है। लक्ष्य यह है कि दुर्गम क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर ऊर्जा पैदा की जाए, रखरखाव आसान हो और पर्यावरणीय असर नियंत्रित रहे।
मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर पश्चिम बंगाल में विवाद गहराता जा रहा है। तृणमूल कांग्रेस इसे वैध वोटरों के नाम कटने की आशंका से जोड़कर केंद्र और आयोग पर आरोप लगा रही है, जबकि बीजेपी ‘फर्जी नाम’ हटाने की दलील दे रही है।
26 जनवरी 2026 के राष्ट्रीय अवकाश के चलते बीएसई और एनएसई पर इक्विटी, एफएंडओ, करेंसी डेरिवेटिव्स समेत सभी प्रमुख सेगमेंट में ट्रेडिंग बंद रही। बाजार 27 जनवरी को सामान्य कारोबार के लिए दोबारा खुलेंगे।